घर की नींव खोदते समय चुपचाप दबा दें ये 1 रुद्राक्ष, पुश्तों तक रहेगी सुख-समृद्धि!

सभी व्यक्ति को अपने जीवन में अपना खुद का घर बनाना बनाने का सपना होता है। परन्तु देखा जाता हैं की व्यक्ति लाखों रुपये ईंट, सीमेंट, रोली और बजरी में लगा देता हैं, लेकिन नीवं पूजन के समय अक्सर एक चीज़ को रखना भूल जाता हैं जो आपके घर की “आत्मा” को हमेशा के लिए सुरक्षित रखती है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं नींव पूजन मुहूर्त (Foundation Ritual) की।
वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस जमीन पर आप अपना घर बना रहे हैं, वहां पहले क्या था, इसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है और यह कोई नहीं जान पाता हैं। इसलिए ऐसे जमीन के नीचे दबी पुरानी नेगेटिव एनर्जी आपके बनाये गये नए घर की खुशियों में नजर लगा सकती है।
लेकिन इन सब बातों से आपको घबराना नहीं हैं! क्योंकी शिव पुराण और वास्तु शास्त्र में इस सब समस्या का एक अचूक उपाय बताया गया है— सही रुद्राक्ष का नींव में स्थापना करना।
आज Mukhirudraksha.org के इस आर्टिकल में जानेगें की घर बनाते से पहले नींव में कौन सा रुद्राक्ष रखने मात्र से आपका घर हमेशा सुरक्षित और खुशियों से भरा हुआ रहेगा।
नींव के लिए कौन सा रुद्राक्ष है सबसे बेस्ट?
वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों के अनुसार, घर की नींव पूजन मुहूर्त में 5 मुखी रुद्राक्ष (5 Mukhi Rudraksha) का रखना सबसे उत्तम और सुरक्षित माना जाता है।
1. पाँच मुखी रुद्राक्ष (The Protector)
यह रुद्राक्ष को साक्षात ‘कालाग्नि रुद्र’ का स्वरूप जाता है।
- क्यों जरुरी है: यह रुद्राक्ष पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश—इन पांचों तत्वों (Panch Tattva) का संतुलन बनाने में सहायता करता है।
- फायदा: इसे घर की नींव में दबाने से घर के परिवारजनों को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है और परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है।
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2. गणेश रुद्राक्ष (The Obstacle Remover)
यदि आपको लगता हो की घर के निर्माण कार्यों में ना चाहते हुए भी बार-बार रुकावटें या विघ्न आ रहा हैं या आपका बना बनाया बजट बिगड़ रहा है, तो 5 मुखी रुद्राक्ष के साथ एक गणेश रुद्राक्ष भी नींव में रखें। यह विघ्नहर्ता है और निर्माण कार्य को निर्विघ्न पूरा करता है।
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कैसे करें स्थापना? (सरल विधि)
सिर्फ इन दोनों रुद्राक्ष को दबा देना काफी नहीं है, इसे विधि-विधान से स्थापित करना होगा:
- दिशा का ध्यान: नींव की खुदाई हमेशा ईशान कोण (North-East) या निकाले गये मुहूर्त से शुरू करें और यह दोनों रुद्राक्ष भी इसी जगह पर स्थापित करें।
- स्नान: स्थापित करने से पहले रुद्राक्ष को गंगाजल मिश्रित कच्चे दूध से धोकर पवित्र कर लेना हैं।
- मंत्र: अब रुद्राक्ष को अपने हाथ में लेकर “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार मंत्र जाप करें।
- स्थापना: इसके बाद तांबे के एक छोटे कलश में थोड़े चावल, एक सिक्का, चांदी का नाग-नागिन और बताये गये इन रुद्राक्ष को रखकर इसे नींव में गाड़ दें।
महत्वपूर्ण टिप: ध्यान रखें कि रुद्राक्ष कहीं से भी खंडित (टूटा हुआ) नहीं होना चाहिए एवं रुद्राक्ष अभिमंत्रित किया होना चाहिए। पूजा के लिए हमेशा प्रामाणित जावा / नेपाली रुद्राक्ष का ही उपयोग करें क्योंकि इसमें ऊर्जा का प्रवाह सबसे तेज और जल्दी होता है।
क्या होता है असर?
जिन भी नए घरों की नींव में विधिवत रुद्राक्ष स्थापित किये जाये है, वहां:
- वास्तु दोष (Vastu Dosh) उत्पन्न नहीं होते या फिर वास्तु दोष में कमी आती हैं।
- घर में बिना कारणों से क्लेश नहीं होगा एवं पारिवारिक शांति बनी रहती है।
- हमेशा घर में आर्थिक बरकत बनी रहती है।
निष्कर्ष
यह तो आप जानते हो की अपना खुद का घर जीवन में एक बार बनता है बार-बार नहीं बनता। इसलिए नींव पूजन मुहूर्त करते समय थोड़ी सी सावधानी आपके पूरे परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकती है। यदि आप अपने नए घर के लिए असली, प्रामाणिक, लैब-टेस्टेड और अभिमंत्रित रुद्राक्ष ढूंढ रहे हैं, तो रिस्क ना लें।
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