गुरु चांडाल दोष से हैं परेशान? धारण करें ये रुद्राक्ष, बदलेगी किस्मत (Guru Chandal Dosh Remedies)
ज्योतिष शास्त्र आपने बहुत से अशुभ दोषों का नाम सूना होगा उनमे से एक हैं गुरु चांडाल दोष (Guru Chandal Dosh)! इस दोष को अशुभ माना जाता है। जब किसी भी जातक की जन्मकुंडली में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) और छाया ग्रह राहु (Rahu) या केतु एक साथ कुंडली के किसी भी भाव में बैठ जाते हैं, तो यह गुरु चांडाल दोष बनता है।

यह दोष कुंडली में विद्यमान होने से व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट होने लगती है, जिस कारण ना चाहते हुए वह गलत निर्णय लेता है उस कारण से अपने जीवन में अपमान और असफलता का सामना करना पड़ता है।
ऐसा ही कुछ आपके साथ हैं, तो घबराएं नहीं! क्योंकी शिव महापुराण में रुद्राक्ष का एक अत्यंत शक्तिशाली उपाय मौजूद है। आज Mukhirudraksha.org के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि कौन सा रुद्राक्ष धारण करने मात्र से गुरु चांडाल दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
गुरु चांडाल दोष के लक्षण (Symptoms)
उन रुद्राक्ष को जानने से पहले यह पहचानना बहुत जरूरी है, कि क्या आप इससे पीड़ित हैं भी या नहीं:
- बनते हुए काम अचानक से बिगड़ जाना।
- समाज में बिना वजह और कारण से बदनामी या अपमान का होना।
- शिक्षा और कैरियर में बार-बार असफलता हाथ लगना।
- मन में बड़ों और गुरुजनों का सम्मान की भावना खत्म होना।
- किसी न किसी वजह से मानसिक तनाव में रहना।
- ना चाहते हुए गलत संगति में पड़ना।
- पूजा पाठ करने का मन ना करना।
गुरु चांडाल दोष के लिए सर्वश्रेष्ठ रुद्राक्ष (Best Rudraksha for Remedy)
इस दोष को आपकी कुंडली में शांत करने के लिए पहले हमें राहु ग्रह की नकारात्मकता को रोकना होगा, और इसके बाद गुरु (बृहस्पति) को मजबूत स्थिति में लाना होगा। इसके लिए दो रुद्राक्ष बहुत ही प्रभावशाली बताये गये हैं:
1. आठ मुखी रुद्राक्ष (8 Mukhi Rudraksha) – राहु का उपाय
गुरु चांडाल दोष में मुख्य समस्या ‘राहु ग्रह’ से उत्पन्न होती है जो गुरु ग्रह के प्रभाव को खराब करता है।
- देवता: भगवान श्री गणेश।
- ग्रह: राहु ग्रह।
- लाभ: 8 मुखी रुद्राक्ष धारण से राहु ग्रह के दुष्प्रभावों को तुरंत नियंत्रित में करता है। यह आपके जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं (Obstacles) को हटाने का कार्य करता है और आपकी बुद्धि को सही दिशा निर्दश देता है।
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2. पाँच मुखी रुद्राक्ष (5 Mukhi Rudraksha) – गुरु का उपाय
चूँकि यह दोष होने से गुरु ग्रह (Jupiter) कमजोर होता है, इसलिए गुरु को बल देना अति आवश्यक है।
- देवता: कालाग्नि रुद्र।
- ग्रह: बृहस्पति ग्रह (Jupiter)।
- लाभ: 5 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से ज्ञान, बुद्धि वृद्धि, मान-सम्मान और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। यह आपके जीवन में गुरु ग्रह को शुभ फल देने के लिए प्रेरित करता है।
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विशेष उपाय: गुरु चांडाल निवारण संयोजन (Combination)
ज्योतिषियों के अनुसार, सबसे अच्छा परिणाम मिलने के लिए आपको एक 8 मुखी और दो 5 मुखी रुद्राक्ष को एक साथ पेंडेंट बनाकर धारण करना चाहिए। यह संयोजन राहु ग्रह को शांत करता है और गुरु ग्रह को प्रबल बल देता है।
धारण करने की विधि (How to Wear)
रुद्राक्ष जब ही अपना पूर्ण फल देता है जब उसे सही प्रकार से विधि विधान से प्राण-प्रतिष्ठित करके धारण किया जाए:
- दिन: इसे धारण करने के लिए गुरुवार (Thursday) का दिन सबसे सर्वोत्तम माना जाता है।
- शुद्धिकरण: सबसे सभी रुद्राक्ष को गंगाजल और कच्चे दूध मिश्रित से धोकर पवित्र कर लेना होगा।
- पूजन: अपने पूजा स्थल पर पीले कपड़े के ऊपर इसे रखें। चंदन का तिलक लगाये, पीले फूल अर्पित करके धूप-दीप दिखाकर पूजा करें।
- मंत्र: 8 मुखी रुद्राक्ष के लिए “ॐ हुं नमः” और 5 मुखी रुद्राक्ष के लिए “ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। अंत में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए गले में धारण करें।
रुद्राक्ष धारण करने के बाद होने वाले लाभ
- निर्णय क्षमता: व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति में वृद्धि होती है और वह सही समय पर सही निर्णय ले पाता है।
- सम्मान वापसी: व्यक्ति का समाज और कार्यक्षेत्र में खोया हुआ मान-सम्मान वापस से मिलने लगता है।
- सफलता: इस दोष के कारण से शिक्षा और कैरियर में आ रही सभी रुकावटें दूर हो जाती हैं।
- मानसिक शांति: राहु ग्रह द्वारा रोजाना मन में उत्पन्न भ्रम और डर खत्म होने लगता है।
- पूजा-पाठ के प्रति: व्यक्ति के अन्दर आध्यात्मिक गुण आने लगते है।
निष्कर्ष (Conclusion)
व्यक्ति की जन्म कुंडली में गुरु चांडाल दोष होना कोई अभिशाप नहीं मानना चाहिए, बशर्ते आप सही समय पर इसका सही उपाय कर लें। जिससे आप इसके दोषों से बच सकें। रुद्राक्ष भगवान शिव का दिया हुआ एक ऐसा वरदान है जो ग्रहों के बुरे प्रभाव को काटकर आपके जीवन को सुखमय बना देता है।
यदि आप इस आप भी गुरु चांडाल दोष को शांत या मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आज ही सिद्ध और असली रुद्राक्ष धारण करें। नकली रुद्राक्ष पहनने से बचें क्योंकि वे कोई फल नहीं देते बल्कि और ज्यादा नुकसान देते हैं।
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