कुंडली में बैठा ये ‘शापित दोष’ राजा को भी बना देता है रंक! गले में डालें ये 1 मनका, रातों-रात पलट जाएगी बाजी

क्या आप बहुत दिन और रात मेहनत करते हैं, लेकिन आपके हाथ सफलता की बजाये सिर्फ असफलता हाथ लगती है? गलत कम करता हैं कोई ओर पंरतु समाज में बिना वजह आपकी बदनामी हो जाती है? क्या आपके द्वारा लिए गये अपने ही फैसले आपके लिए मुसीबत का कारण बन जाते हैं?
अगर आपका उत्तर हाँ हैं, तो संभल जाइये! यह आपकी गलती नहीं, बल्कि आपकी जन्मकुंडली में बैठे सबसे खतरनाक दोष— ‘गुरु चांडाल दोष’ (Guru Chandal Dosh) का असर दिखाई पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार इसे “बर्बादी का योग” के नाम से भी जाना जाता है। जब इन्सान की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति (ज्ञान के देवता) को पापी ग्रह राहु (भ्रम और धोखा) ग्रस लेता है, तो बड़े से बड़े इंसान की भी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।
लेकिन आपको इनसे घबराएं नहीं है! Mukhirudraksha.org आज आपके लिए इसी समस्या का उपाय लाया है शिव महापुराण से एक ऐसा अचूक उपाय बताया गया हैं, जो इस दोष के विष को अमृत में बदल सकता है।
इस दोष का ‘एंटीडोट’ है ये खास रुद्राक्ष
गुरु चांडाल दोष के दुष्परिणाम को काटने के लिए हमें पहले राहु ग्रह को शांत करना होगा और उसके बाद गुरु ग्रह को मजबूत करना होगा। इसके लिए आपको इन 2 रुद्राक्षों का ‘महा-कवच’ पहनना सबसे ज्यादा लाभकारी रहेगा:
1. आठ मुखी रुद्राक्ष (8 Mukhi Rudraksha) – गेम चेंजर
यही वह मुख्य रुद्राक्ष है, जो रातो रात आपकी किस्मत बदल सकता है।
- क्यों पहनें: यह भगवान गणेश जी और राहु ग्रह का प्रतीक माना जाता है।
- जादू: गुरु चांडाल दोष में राहु ग्रह ही सारी मुसीबत की महत्वपूर्ण जड़ होती है। 8 मुखी रुद्राक्ष पहनने से राहु ग्रह के बुरे प्रभाव (भ्रम, डिप्रेशन, बाधाएं आदि) कम होने लगते हैं। इस दोष द्वारा बनी समस्या को आपके रास्ते से हटा देता है।
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2. पाँच मुखी रुद्राक्ष (5 Mukhi Rudraksha) – सुरक्षा कवच
- क्यों पहनें: यह देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) का कारक माना गया है।
- जादू: यह आपकी समाज में खोई हुई मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाये रखता है और आपको सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है।
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सबसे असरदार तरीका (The Secret Combination)
ज्योतिष के विद्वानों द्वारा मानना हैं कि अगर आप एक 8 मुखी रुद्राक्ष को दो 5 मुखी रुद्राक्ष के बीच में डालकर धारण करते हो, तो गुरु चांडाल दोष का अशुभ असर आपके जीवन से 40 दिनों के अंदर शांत होने लगता है।
विधि:
- दिन: गुरुवार (Thursday) दिन की सुबह धारण करें।
- प्राण-प्रतिष्ठा: सभी रुद्राक्ष को कच्चा दुश मिश्रित गंगाजल से धोकर ‘ॐ हुं नमः’ (8 मुखी रुद्राक्ष के लिए) और ‘ॐ ह्रीं नमः’ (5 मुखी रुद्राक्ष के लिए) मंत्र का जाप करें।
- धारण: इन रुद्राक्ष को पीले धागे में डालकर अपने गले में पहन लें।
क्या बदलाव आएगा?
जिस व्यक्ति के गले में यह बताये गये सिद्ध रुद्राक्ष होते है:
- उसके खिलाफ दूसरों द्वारा रचाई गई साजिशें नाकाम होने लगती हैं।
- व्यक्ति के कैरियर और बिजनेस में अचानक से रुकी हुई ग्रोथ शुरू होने लगती है।
- व्यक्ति के दिमाग से निगेटिव विचार खत्म होने लगते हैं।
निष्कर्ष: देर न करें
आप ग्रहों के दोष देने का इंतज़ार नहीं करें, वे समय के साथ और गहरे होते जाते हैं। अपनी अनमोल जिंदगी की डोर को राहु ग्रह के हाथ में न रहने दें। बल्कि शिव जी का आशीर्वाद रूपी रुद्राक्ष धारण करें और अपना भाग्य खुद लिखें और बदले।
सावधानी: गुरु चांडाल दोष के लिए असली और प्राण-प्रतिष्ठित रुद्राक्ष ही काम करता है। नकली मनके पहनकर अपना समय बर्बाद न करें।
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