गृह प्रवेश: घर की चौखट पर चुपचाप टांग दें ये 1 चीज़, बुरी नज़र और दरिद्रता कोसों दूर रहेगी!

आप खुद के पैसे से बनाया गया नया घर सिर्फ ईंट-पत्थर का एक मकान नहीं, बल्कि आपके खुद के सपनों का महल होता है। जब हम नए घर में ‘गृह प्रवेश’ (Griha Pravesh) करते हैं, तो हमारे मन में यही कामना होती है कि इस नये घर में हमेशा खुशियाँ गूंजें और माँ लक्ष्मी का वास बना रहे।
हम नए घर गृह प्रवेश करते समय पूजा-पाठ करते हैं, हवन करते हैं, सब शुभ कार्य करते हैं, परन्तु अक्सर उस एक चीज़ के बारे में भूल जाते हैं जो अपने नये घर के “मुख्य द्वार” (Main Entrance) की रक्षा करती है।
हमारा वास्तु शास्त्र कहता है कि घर में सारी सकरात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जायें मुख्य दरवाजे से ही प्रवेश करती है। अगर वहीं सुरक्षा में चुक हो, तो ‘बुरी नज़र’ और ‘नकारात्मक ऊर्जा’ आपके नए घर में खुशियों पर ग्रहण लगा सकती है।
आज Mukhirudraksha.org द्वारा आप सभी को बताएगा शिव पुराण का एक ऐसा गुप्त उपाय, जिसे गृह प्रवेश के दिन करने मात्र से आपका घर सदा सदा के लिए सुरक्षित रहेगा।
मुख्य द्वार के लिए कौन सा रुद्राक्ष है सबसे शुभ?
नए गृह प्रवेश में दो रुद्राक्ष की स्थापना करना सबसे चमत्कारी माने गए हैं। जिसे आप अपनी जरूरत और आमदनी के हिसाब से चुन सकते हैं:
1. गणेश रुद्राक्ष (Ganesh Rudraksha) – बाधाओं को रोके
नए घर के मुख्य द्वार के लिए यह सबसे शक्तिशाली उपाय है।
- क्यों खास है: जिस प्रकार से हर पूजा पाठ को करने से पहले श्री गणेश जी की पूजा की जाती है, उसी तरह नए घर में प्रवेश करते समय गणेश रुद्राक्ष द्वारपाल की तरह कार्य करता है।
- फायदा: यह आपके नए घर के अंदर आने वाली हर प्रकार की नेगेटिव एनर्जी (ऊर्जा) को घर की चौखट पर ही रोक देता है। इससे आपके घर में अचानक से होने वाली धन की कमी जैसी समस्या नहीं होती हैं।
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2. गौरी शंकर रुद्राक्ष (Gauri Shankar Rudraksha) – परिवार में प्रेम बढ़ाए
यह दो स्वाभाविक रूप से जुड़े हुए रुद्राक्ष होते हैं, जिसको शिव-पार्वती का प्रतीक कहते हैं।
- क्यों खास है: यह नए घर में ‘गृह क्लेश’ के नाशक है।
- फायदा: अगर आप चाहते हैं कि नए घर में हमेशा पति-पत्नी और परिवार के सभी सदस्यों के बीच हमेशा प्रेम और प्यार बना रहे और झगड़े न हों, तो इसे अपने घर के मुख्य द्वार या मंदिर में स्थापित करें।
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गृह प्रवेश के दिन कैसे करें प्रयोग? (विधि)
सिर्फ दुकान या यहां वहां से रुद्राक्ष खरीद कर घर में रख लेने से काम नहीं बनेगा, इसे ‘जागृत’ (सिद्ध) करके लगाना होगा:
- तैयारी: नए घर में गृह प्रवेश वाले दिन सुबह इन रुद्राक्ष को गंगाजल और पंचामृत से स्नान करवाकर शुद्ध कर लें।
- तोरण (Toran): इसके बाद नए घर के मुख्य द्वारा लगाया जाने वाला आम या अशोक के पत्तों का बना हुआ तोरण के बिल्कुल बीचो बीच लाल धागे की मदद से गणेश रुद्राक्ष को बांध दें, ।
- मंत्र: बांधते समय 11 बार “ॐ गं गणपतये नमः” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का मन ही मन में बोलें।
- स्थापना: अब इस तोरण को मुख्य द्वार पर इस प्रकार लगाएं कि घर में आते जाते समय आपके सर के ऊपर हो।
इसका असर क्या होगा?
जिस भी घर के मुख्य द्वार पर अभिमंत्रित रुद्राक्ष होता है:
- वहां उस घर में ‘हाय’ या बुरी नज़र का असर नहीं होता है।
- घर के वास्तु दोष (जैसे गलत दिशा में द्वार होना) इत्यादि का प्रभाव खत्म कम हो जाता है।
- उस घर के परिवार के सभी सदस्यों की तरक्की (Growth) बहुत तेजी से होती है।
निष्कर्ष
लाखों करोड़ों खर्च करके घर बनाने के बाद, चंद रुपयों के लालच में यह उपाय ना करने से आपकी खुशियों पर ग्रहण लग सकता हैं इसलिए आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी बनाये रखने के लिए इसे अभी खरीदें। अपने नए घर की खुशियों के साथ बिल्कुल भी रिस्क न लें।
नोट: पूजा और वास्तु के लिए हमेशा असली जावा / नेपाली रुद्राक्ष ही काम करता है। नकली मनकों से बचें।
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