क्या आप भी ‘ग्रहण दोष’ के शिकार हैं? बनती बात बिगड़ जाती है? गले में डालें ये 1 मनका, फिर देखें चमत्कार!

क्या आपने कभी नोट किया हैं कि आप मेहनत तो पूरी तरह से करते हो, लेकिन आपकी किस्मत ऐन मौके पर धोखा दे जाती है? और क्या आप बिना किसी वजह कारणों से डिप्रेशन, घबराहट या किसी भी प्रकार का डर महसूस करते हैं? क्या आपकी अपने पिता जी या फिर घर के बड़ों से आपकी बिल्कुल नहीं बनती?
अगर इसका उत्तर हाँ, है तो सावधान हो जाइये! यह महज कोई संयोग नहीं, बल्कि आपकी कुंडली में बैठा हुआ “ग्रहण दोष” (Grahan Dosh) भी हो सकता है। जिसे आप तुंरत चेक कराए।
ज्योतिष शास्त्र की भाषा में इसे “छुपा हुआ शत्रु” भी कहा जाता है। जब राहु या केतु ग्रह, सूर्य या चंद्रमा ग्रह को जकड़ लेते हैं, तो इस दोष का जन्म होता है। यह इंसान की जीवन में होने वाली तरक्की पर ‘ग्रहण’ लगाने का कार्य करता है।
लेकिन खुशखबरी यह भी है कि भगवान शिव के आँसू यानी रुद्राक्ष में इतनी शक्ति भी है कि वह इस ग्रहण के अशुभ प्रभावों को हमेशा के लिए शांत कर देता है।
आज Mukhirudraksha.org आपको यहां बताएगा कि किस ग्रहण दोष (Grahan Dosh) होने पर आपको कौन सा रुद्राक्ष पहनने से आपकी किस्मत को बदला जा सकता है।
1. अगर है ‘चंद्र ग्रहण दोष’ (मन की शांति छीने)
जब चंद्रमा ग्रह और राहु-केतु ग्रह (दोनों में से कोई एक) के साथ किसी कुंडली के किसी भाव में होता है, तो इंसान मानसिक रूप से टूट जाता है या आगे जाकर टूटने लगता हैं।
- लक्षण: डिप्रेशन, बहुत ज्यादा बिना बात के सोचना (Overthinking), माता जी का बीमार रहना, पानी से डरना।
- आपका रक्षक: 2 मुखी रुद्राक्ष (Two Mukhi Rudraksha)।
- जादू: 2 मुखी रुद्राक्ष साक्षात भगवान शिव के ‘अर्धनारीश्वर’ का प्रतीक है। इसे पहनते ही आपका मन शांत हो जाता है, आपके जीवन में चल रहा डिप्रेशन गायब होने लगता है और आपके अन्दर खोया हुआ आत्मविश्वास लौटने लगता है। इसे चांदी में धारण करना सबसे शुभ माना जाता है।
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2. अगर है ‘सूर्य ग्रहण दोष’ (सफलता छीने)
जब सूर्य ग्रह राहु-केतु ग्रह (इन दोनों में से कोई एक) के साथ जन्मकुंडली के किसी भाव में बैठा होता है, तो व्यक्ति का कैरियर बर्बाद होने सा लगता है।
- लक्षण: व्यक्ति के पिता से झगड़े होते हैं, सरकारी नौकरी या कार्यों में बाधा, हड्डियों की बीमारी, समाज में बिना बात के बदनामी।
- आपका रक्षक: 12 मुखी रुद्राक्ष या 1 मुखी रुद्राक्ष।
- जादू: यह व्यक्ति के अंदर सूर्य जैसा तेज भर देता है। इसे पहनने के बाद व्यक्ति की समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती हैं और आपके जीवन से राहु का काला साया हट जाता है।
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उपाय कैसे करें? (2 मिनट की विधि)
महंगे अनुष्ठान कराने से बेहतर है कि आप हमारे द्वारा बताये जा रहे इन यह उपाय को एक बार करें:
- दिन: सोमवार (चंद्र दोष के लिए) या रविवार (सूर्य दोष के लिए) धारण करें।
- शुद्धि: रुद्राक्ष को पहने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से धो कर शुद्ध करें।
- धारण: भगवान शिव का नाम लेकर रूद्राक्ष को लाल या सफेद धागे में डालकर गले में पहन लें।
क्या असर होगा?
जिस दिन आप सही विधि से सिद्ध किया हुआ असली रुद्राक्ष धारण कर लेंगे, उसके 40 दिनों के अंदर:
- इस दोष के कारण रुका हुआ पैसा वापस मिलने लगेगा।
- व्यक्ति के दिमाग से बिना बात के निगेटिव विचार खत्म होने लगेगे।
- आपकी कैरियर की गाड़ी जो की पहले पटरी से उतरी हुई थी, वो वापस से दौड़ने लगती हैं।
निष्कर्ष: अपनी किस्मत पर ग्रहण न लगने दें
कोई भी ग्रह क्यों ना हो उनके दोष अपने आप ठीक नहीं होते, उनका इलाज यानी की उपाय करना पड़ता है। एक छोटा सा रुद्राक्ष का बताया हुआ उपाय करने से आपके जीवन से अंधकार चला जायेगा।
सावधानी: ग्रहण दोष के उपाय के लिए सिर्फ असली (Original) जावा / नेपाली रुद्राक्ष ही काम करते है। बाजार में मिलने वाले प्लास्टिक के मनकों से जरा बच कर रहे।
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