Pitra Dosh Nivaran Rudraksha: घर में क्लेश और तरक्की में रुकावट? कहीं ‘पितृ दोष’ तो नहीं? धारण करें ये रुद्राक्ष

घर में क्लेश और तरक्की में रुकावट? कहीं ‘पितृ दोष’ तो नहीं? धारण करें ये रुद्राक्ष

Pitra Dosh Nivaran Rudraksha
Pitra Dosh Nivaran Rudraksha

क्या आप रोजाना कड़ी मेहनत करते रहते हैं लेकिन चाहते हुए भी सफलता आपके हाथ नहीं लगती हैं? क्या आपके घर में हमेशा बीमारी, तनाव या बिना वजह कारणों से लड़ाई झगड़े बने रहते हैं? या फिर परिवार में बच्चों की शादी और संतान सुख में लगातार न चाहते हुए देरी हो रही है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऊपर बताई गई ये समस्या सामान्य प्रतीत नहीं होती हैं, बल्कि यह सब पितृ दोष (Pitra Dosh) होने के गंभीर लक्षण मालूम हो सकते हैं। जब भी हमारे पूर्वज (Ancestors) हमसे नाराज या अतृप्त होते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में मेहनत के वाजूद संघर्ष बढ़ जाते है।

लेकिन ऐसी स्थिति में भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि भगवान शिव के आशीर्वाद स्वरूप प्राप्त ‘रुद्राक्ष’ में इतनी शक्ति होती है कि वह बड़े से बड़े पितृ दोष को शांत करने में मदद करते है। आज हम आपको बताएंगे कि व्यक्ति को पितृ दोष से मुक्ति के लिए कौन सा रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।


पितृ दोष निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ रुद्राक्ष

ज्योतिष शास्त्र और शिव पुराण के अनुसार, पितृ दोष की शांति के लिए 10 मुखी रुद्राक्ष और 12 मुखी रुद्राक्ष सबसे प्रभावशाली माने गए हैं।

1. 10 मुखी रुद्राक्ष: भगवान विष्णु का कवच

पितृ दोष शांति के लिए 10 मुखी रुद्राक्ष (10 Mukhi Rudraksha) सबसे अचूक उपाय माना गया है।

  • देवता: भगवान विष्णु (पालनहार) माने जाते हैं।
  • ग्रह: इसका कोई विशेष ग्रह प्रतिनिधित्व नहीं करता है, बल्कि यह सभी नौ ग्रहों को शांत करता है।
  • क्यों पहनें: हिन्दू शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान विष्णु ही मोक्ष के दाता हैं। 10 मुखी रुद्राक्ष पहनने से पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान होती है और यदि घर से उबलब्ध सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां (Negative Energy) दूर भागती हैं।

👉 Call to Action (CTA): “Book Your 10 Mukhi Rudraksha Now

2. 12 मुखी रुद्राक्ष: सूर्य देव का तेज

ज्योतिष शास्त्र में ‘सूर्य’ को पिता और पूर्वजों का कारक माना गया है।

  • देवता: भगवान सूर्य इसके प्रतिनिधित्व हैं।
  • क्यों पहनें: यदि जन्म कुंडली में सूर्य कमजोर या उसके कारण से पितृ दोष बन रहा है, तो 12 मुखी रुद्राक्ष पहनने से आपके पूर्वज प्रसन्न होते हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ने लगता है।

👉 Call to Action (CTA): “Book Your 12 Mukhi Rudraksha Now


“पितृ दोष निवारण माला” (सबसे शक्तिशाली उपाय)

यदि आपको लगता हैं आपकी समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है, तो केवल एक दाना पहनने के बजाय आपको एक विशेष संयोजन (Combination) धारण करना लाभदायक रहता हैं, जिसे “पितृ शांति संयोजन” कहते हैं।

👉 संयोजन: 10 मुखी + 12 मुखी + 14 मुखी रुद्राक्ष (या सिद्ध की हुई 5 मुखी रुद्राक्ष की माला में एक 10 मुखी लगाकर पहनें)।

इसके लाभ:

  1. अनावश्यक रूप से घर के क्लेश और झगड़े तुरंत बंद होने लगते हैं।
  2. आपका रुका हुआ व्यापार वापस से चलने लगता है।
  3. वैवाहिक दम्पति में संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं।
  4. शादी लायक नवयुवक और नवयुवती की विवाह में आ रही समस्या दूर होती हैं।

रुद्राक्ष धारण करने की विधि (Vidhi)

पितृ दोष होने पर रुद्राक्ष पहनने का नियम सामान्य रुद्राक्ष धारण करने वाले दिनों से थोड़ा अलग होता है। जिसे नीचे बताया गया हैं, ध्यान से फॉलो करें:

  1. दिन: व्यक्ति को केवल अमावस्या (Amavasya) या शनिवार के दिन ही इन रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए।
  2. शुद्धिकरण: पहने से पहले रुद्राक्ष को गंगाजल, कच्चे दूध और काले तिल (Black Sesame) मिश्रित जल से धोए और पवित्र करें।
  3. मंत्र: रुद्राक्ष को पूजा स्थल पर रखकर 108 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” (10 मुखी के लिए) या “ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः” (12 मुखी के लिए) मन्त्रों का का जाप करें।
  4. दान: रुद्राक्ष पहनने के बाद किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं या भोजन का दान करें, इससे पूर्वज तृप्त होते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होना कोई डरने वाली बात नहीं है, यह केवल अपने पूर्वजों का ध्यान अपनी ओर खींचने का एक संकेत है। सही विधि से 10 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से न केवल पितृ दोष दूर होता है, बल्कि वही पूर्वज आपको जीवन भर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

सावधान: पितृ दोष के नाम पर बाजार में कई नकली रुद्राक्ष, पूजा और रत्न आदि बेचे जाते हैं। हमेशा लैब सर्टिफाइड (Lab Certified) जावा/नेपाली रुद्राक्ष ही पहनें।

क्या आप अपने पूर्वजों की शांति के लिए सिद्ध रुद्राक्ष चाहते हैं? हमारे “Pitra Dosh Nivaran Kit” को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Call Now Button