Kaal Sarp Dosh: कालसर्प दोष से हैं परेशान? धारण करें ये रुद्राक्ष, राहु-केतु भी देंगे शुभ फल

कालसर्प दोष से हैं परेशान? धारण करें ये रुद्राक्ष, राहु-केतु भी देंगे शुभ फल

Kaal Sarp Dosh
Kaal Sarp Dosh

क्या आपको अक्सर रूप से सांपों के सपने या फिर आस पास होने एहसास बना रहता हैं? क्या आपके समस्त कार्य बनते-बनते ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं? या फिर आपके द्वारा की जाने वाली कड़ी मेहनत के परिणाम भी नहीं आते हैं जीवन में संघर्ष (Struggle) खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है?

अगर यह सब के लिए हाँ करते हो, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी जन्म कुंडली में “कालसर्प दोष” (Kaal Sarp Dosh) होने की ज्यादा संभवाना नजर आती है। कुंडली में जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं, तो यह दोष आपके जीवन में तरक्की रुक को रोक देता है।

लेकिन यह तो आप जानते हो की भगवान शिव, जो स्वयं गले में सर्प धारण किये हुए हैं, उन्होंने ही हमें इसका समाधान (Remedy) भी बताया है। हिन्दू धर्म के शिव महापुराण के अनुसार, सही रुद्राक्ष धारण करने मात्र से ही कालसर्प दोष का प्रभाव धीरे धीरे खत्म होने लगता है, साथ ही व्यक्ति को यही राहु-केतु रंक से राजा भी बना सकते हैं।

आज हम यहां आपको बताएंगे कि कालसर्प दोष की शांति के लिए कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए। इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।


कालसर्प दोष के मुख्य लक्षण (Symptoms)

सभी व्यक्ति रुद्राक्ष को पहनने से पहले कालसर्प दोष के आप नीचे बताये लक्षण से जान सकते हैं:

  • बार-बार एक्सीडेंट या चोट लगना।
  • व्यापार या नौकरी में अचानक गिरावट आ जाना।
  • गुप्त शत्रुओं (Hidden Enemies) का हमेशा भय होना।
  • शादी में देरी या संतान सुख में बाधा होना।
  • मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गिरे रहना।
  • बार साँपों के सपने आना।
  • हर समय ऐसा लगना की सांप आस पास हैं।
  • रस्सी जैसे वस्तुओं को सांप समझ लेना।
  • पूजा कार्यों से एक साथ मन का दूर हो जाना।

कालसर्प दोष का “ब्रह्मास्त्र”: 8 मुखी और 9 मुखी रुद्राक्ष

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कालसर्प दोष केवल राहु और केतु ग्रह के कारण से बनता है। इसलिए, इन दोनों ग्रहों से संबधित रुद्राक्ष पहनना चाहिए, इनको शांत करने वाले सबसे सटीक उपाय यही है।

1. 8 मुखी रुद्राक्ष: राहु की शांति (For Rahu)

  • देवता: भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) का स्वरूप है।
  • ग्रह: राहु ग्रह (Rahu)।
  • क्यों पहनें: कालसर्प दोष में राहु ग्रह का दुष्प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। यह व्यक्ति को शारीरिक कष्ट दूर रखता हैं 8 मुखी रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति के जीवन की सभी बाधाएं (Obstacles) दूर होने लगती हैं। यह आपके सभी शत्रुओं पर विजय दिलाता है और अचानक से आने वाली मुसीबतों से रक्षा करता है।
  • 👉 Call to Action (CTA): “Book Your 8 Mukhi Rudraksha Now

2. 9 मुखी रुद्राक्ष: केतु की शांति (For Ketu)

  • देवता: माँ नवदुर्गा (शक्ति) का स्वरूप है।
  • ग्रह: केतु ग्रह (Ketu)।
  • क्यों पहनें: केतु ग्रह व्यक्ति के अन्दर भ्रम और भय पैदा करता है। इसे धारण करने के बाद व्यक्ति मानसिक रूप से शांत रहता हैं 9 मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति को “निडर” (Fearless) बनाता है। साथ ही अपने साथ अकाल मृत्यु जैसी घटना के भय को खत्म करता है और आपके अन्दर ऊर्जा (Energy) प्रदान करता है।
  • 👉 Call to Action (CTA): “Book Your 9 Mukhi Rudraksha Now

सबसे शक्तिशाली उपाय: “कालसर्प दोष निवारण कवच”

यदि कालसर्प दोष बहुत प्रबल है, तो ऐसे समय में ज्योतिष एक विशेष संयोजन (Combination) पहनने की सलाह देते हैं।

👉 विधि: 8 मुखी रुद्राक्ष + 9 मुखी रुद्राक्ष इन दोनों रुद्राक्ष को लाल धागे में एक साथ पिरोकर पहन लेना चाहिए।

  • लाभ: व्यक्ति के धारण करने के बाद यह कॉम्बिनेशन भगवान गणेश और माँ दुर्गा की शक्ति को एक साथ आपके अन्दर महसूस करवाता है। इसे पहनने वाले व्यक्ति पर राहु-केतु ग्रह का बुरा असर धीरे धीरे ख़त्म होने लगता है, और व्यक्ति को अचानक धन लाभ और सफलता देने लगते हैं।

रुद्राक्ष धारण करने के नियम (महत्वपूर्ण)

कालसर्प दोष के उपाय को करते समय कोई गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए:

  1. शुभ दिन: इस रुद्राक्ष को सोमवार, बुधवार (राहु के लिए) या शनिवार के दिन या फिर नाग पंचमी या शिवरात्रि के दिन धारण करना सबसे उत्तम है।
  2. मंत्र:
    • 8 मुखी रुद्राक्ष के लिए: “ॐ हुं नमः” या “ॐ गं गणपतये नमः”
    • 9 मुखी रुद्राक्ष के लिए: “ॐ ह्रीं हुं नमः” या “ॐ दुं दुर्गायै नमः”
  3. धातु: इसे चांदी में मढ़वाकर पहनना सबसे शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सभी व्यक्ति को कालसर्प जैसे दोष से डरने के बजाय इसका समाधान करना चाहिए। तुरंत भगवान शिव की शरण में जाएं रोज पूजा पाठ करें और 8 और 9 मुखी रुद्राक्ष का बना हुआ कवच धारण करें। ऐसा करने पर कालसर्प दोष आपको असफलता से सफलता की सीढ़ी की तरफ ले जा सकता है।

सावधान: कालसर्प दोष की शांति के लिए हमेशा असली/प्रामाणित और लैब सर्टिफाइड (Lab Certified) जावा/नेपाली रुद्राक्ष ही पहनें। नकली मनके पहनने से राहु ग्रह और भड़क सकता है।✨ क्या आप अभिमंत्रित “कालसर्प दोष निवारण पेंडेंट” मंगवाना चाहते हैं? 👉 [यहाँ क्लिक करें और Mukhirudraksha.org पर असली रुद्राक्ष देखें]

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Call Now Button